इसकी शुरुआत आदम (अ.स.) से लेकर पैगंबर मोहम्मद (स.अ.व.व.) तक के सभी महान नबियों को सलाम भेजने से होती है। यह इमाम हुसैन को उन सभी के दैवीय मिशन का उत्तराधिकारी (वारिस) सिद्ध करता है।
इसमें कर्बला के कई ऐसे शहीदों के नाम और उनके कातिलों के नाम दर्ज हैं, जो अन्य इतिहास की किताबों में ढूंढना मुश्किल हैं। ziyarat e nahiya in hindi
सिर्फ एक प्रार्थना नहीं है, बल्कि यह इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत और कर्बला के पीड़ितों के प्रति शोक और प्रेम का एक बहुत बड़ा दस्तावेज़ है। यह हमें याद दिलाती है कि इमाम हुसैन की शहादत इस्लाम को बचाने के लिए थी और उनके बलिदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। इसकी शुरुआत आदम (अ
The Ziyarat describes how the heavens, the earth, the oceans, and the angels wept for the tragedy of Karbala. ziyarat e nahiya in hindi