Bihar And Orissa Public Demand Recovery Act 1914 Pdf In Hindi -

यह अधिनियम ब्रिटिश शासन के दौरान लाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार (तत्कालीन बिहार और उड़ीसा प्रांत) के पास देय धनराशि (बकाया) को एक विशेष और त्वरित प्रक्रिया के माध्यम से वसूली सुनिश्चित करना था। आमतौर पर सिविल कोर्ट में मुकदमे लंबे चलते हैं, इसलिए राजस्व और अन्य सरकारी बकायों की वसूली के लिए एक कड़े कानून की आवश्यकता महसूस की गई थी।

Filing of the certificate by the officer once satisfied of the debt. ऋणी को नोटिस

The Certificate Officer hears the petition and determines the final debt. अपील

यह अधिनियम त्वरित वसूली के लिए बनाया गया था, इसलिए सामान्य सिविल मुकदमे की तुलना में यह प्रक्रिया काफी तेज होती है। हालाँकि, देनदार द्वारा की गई आपत्तियों और न्यायालयों के हस्तक्षेप के कारण इसमें विलंब हो सकता है।